अब मोबाइल बिल देगा शॉक… 5G पर खर्च को आपसे किया जाएगा वसूल, 4G सर्विसेज भी होंगी महंगी!


नई दिल्‍ली: आटा, मैदा, चावल, तेल के बाद अब फोन बिल की बारी है। जल्‍दी ही आपके मोबाइल बिल में इजाफा हो सकता है। इस बढ़ोतरी का कनेक्‍शन 5जी से सीधे जुड़ा है। अगर आपको लगता है कि आप मौजूदा 4जी सर्विस का इस्‍तेमात करते रहकर इससे जान छुड़ा लेंगे तो मुगालते में नहीं रहिए। कंपनियां आपको बख्‍शने वाली नहीं हैं। 5जी स्‍पेक्‍ट्रम की नीलामी (5G Spectrum Auction) पर करोड़ों-करोड़ खर्च करने वाली कंपनियां एक-एक पाई आपसे ही वसूलेंगी। इस रकम को वसूलने के लिए उनके पास सिर्फ दो विकल्‍प हैं। वे या तो भारी-भरकम कीमत पर 5जी सेवाओं (5G Services) की पेशकश करें या अपने मौजूदा ग्राहकों के लिए टैरिफ (Mobile Tariff) बढ़ाएं। कंपनियां चाहेंगी कि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग 5जी सेवाओं की तरफ रुख करें। ऐसे में वे मौजूदा ग्राहकों के लिए टैरिफ बढ़ा सकती हैं। इस तरह 5जी सर्विसेज लॉन्‍च होने के बाद 4जी सेवाओं के महंगे होने का रास्‍ता भी तकरीबन साफ ही है।

5जी स्पेक्ट्रम की बोलियां खत्म हो चुकी हैं। दूरसंचार कंपनियों ने नीलामी में भारी-भरकम खर्च किया है। सवाल यह है कि क्या इस रकम को कंपनियां ग्राहकों से वसूलेंगी? जानकारों को तो यही लगता है। उनका मानना है कि दूरसंचार कंपनियां खर्च की गई रकम को वसूलने के लिए 5जी की पेशकश ज्‍यादा कीमत पर कर सकती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, वे 4जी सर्विसेज के दाम बढ़ा सकती हैं।

किन कंपनियों ने लगाई है 5जी स्पेक्ट्रम के लिए बोली?
5जी स्‍पेक्‍ट्रम के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों में रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अडानी डेटा नेटवर्क्स शामिल हैं। इन्‍हें 51,236 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम मिला है। इसके लिए उन्‍होंने 1,50,173 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह विश्लेषकों की पूर्व अनुमानित रकम से ज्‍यादा है। दूरसंचार कंपनियों की आक्रामक बोली के कारण ऐसा हुआ है।

दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव कह चुके हैं कि 5जी स्पेक्ट्रम अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। एक साल के भीतर पूरे देश में यह सर्विस शुरू हो जाएगी। रिलायंस जियो भारत में सबसे पहले 5जी सेवाएं शुरू कर सकती है। इस बारे में हाल में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने एक बयान जारी किया था। इसमें उन्‍होंने कहा था कि कंपनी भारत में 5जी की शुरुआत करके आजादी का अमृत महोत्सव मनाएगी। जियो विश्व स्तरीय, सस्ती 5G और 5G इनेबल्‍ड सर्विसेज की पेशकश करने के लिए प्रतिबद्ध है। एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को 5G सेवाओं की पेशकश करने में थोड़ी देरी हो सकती है। इसका कारण उनके इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की चुनौतियां हैं।

मोबाइल बिल बढ़ने के आसार
नोमुरा की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि कंपनियों के पास खर्च की गई रकम को वसूलने के लिए दो विकल्‍प हैं। पहला, वे 5जी सेवाओं को ज्‍यादा कीमत पर पेश करें। दूसरा ऑप्‍शन यह है कि मौजूदा ग्राहकों से कीमत बढ़ाकर खर्च की गई रकम को वसूला जाए। टैरिफ में 4 फीसदी की बढ़ोतरी से टेलीकॉम कंपनियां अपने 5जी खर्च का भुगतान कर सकती हैं। यही नहीं, स्पेक्ट्रम खरीदने की लागत निकालने के लिए दूरसंचार कंपनियां अपनी 5जी सेवाओं को 30 फीसदी महंगी दर पर लॉन्च कर सकती हैं। नोमुरा ग्‍लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज ग्रुप है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, कंपनियां चाहेंगी कि लोग 5G को बड़े पैमाने पर अपनाएं। इसके लिए दूरसंचार कंपनियां 4G सेवाओं के लिए टैरिफ बढ़ा सकती हैं। पहले ही दिसंबर 2019 और नवंबर 2021 में कंपनियां दो बार टैरिफ बढ़ा चुकी हैं। चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में 4जी सेवाओं में एक बार फिर टैरिफ बढ़ने के आसार हैं।

जेफरीज का मानना है कि इस साल के अंत तक टैरिफ में बढ़ोतरी की जा सकती है। स्‍पेक्‍ट्रम पर खर्च की गई रकम को निकालने के लिए दूरसंचार कंपनियां फोकस करेंगी। गोल्‍डमैन सैक्‍श को भी 2022 तक टैरिफ में बढ़ोतरी की उम्‍मीद है।



Source link

MERA SHARE BAZAAR
नमस्कार दोस्तों मेरा शेयर बाजार हिंदी भाषा में शेयर बाजार की जानकारी देने वाला ब्लॉग है। नए लोग इस बाजार में आना चाहते हैं उन्हें सही से मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है। इसके अलावा फाइनेंसियल प्लानिंग, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, पब्लिक प्रोविडेंड फण्ड (PPF), म्यूच्यूअल फंड्स, इन्शुरन्स, शेयर बाजार सम्बंधित खास न्यूज़ भी समय -समय पर देते रहते हैं। धन्यवाद्

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.