जिस उम्र में दूसरे देखते हैं कॉलेज जाने के सपने, उसमें 1,000 करोड़ के मालिक बनें ये 2 युवा, जानिए कैसे पाई इतनी दौलत


नई दिल्ली : देश के युवा स्टार्टअप्स की दुनिया में काफी तेजी से सफलता के कदम चूम रहे हैं। क्विक ग्रॉसरी डिलीवरी ऐप जेप्टो (Zepto) के फाउंडर कैवल्य वोहरा (Kaivalya Vohra) देश के सबसे युवा अमीर बन गए हैं। वे देश के ऐसे सबसे युवा व्यक्ति हैं, जिनकी संपत्ति 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि वे अभी सिर्फ 19 साल के हैं। आईआईएफएल वेल्थ हुरुन रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। आईआईएफएल वेल्थ हुरुन रिच लिस्ट (IIFL Wealth Hurun India Rich List) में इस बार कई स्टार्टअप फाउंडर्स शामिल हैं। कैवल्य वोहरा के साथ ही फिजिक्सवाला के को-फाउंडर अलख पांडे ने भी इस लिस्ट में जगह बनाई है। वोहरा इस लिस्ट में 1,036 वें स्थान पर हैं।

पहले टीनएजर जिनके पास 1,000 करोड़ की संपत्ति

वोहरा भारत के पहले टीनएजर हैं, जिनके पास 1,000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वोहरा ने साल 2020 में आदित पलीचा (Aadit Palicha) के साथ जेप्टो की स्थापना की थी। एक साल में ही कंपनी के वैल्यूएशन में 50 फीसदी से अधिक का उछाल आ गया। पलीचा की उम्र भी अधिक नहीं है। वे भी सिर्फ 20 साल के ही हैं। उन्होंने भी 1200 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में जगह बनाई है।

करीब दोगुनी हुई कंपनी की वैल्यूएशन
मई में, जेप्टो ने YC Continuity Fund के नेतृत्व में एक फंडिंग राउंड से 200 मिलियन डॉलर जुटाए थे। इस निवेश के बाद स्टार्ट-अप की वैल्यूएशन करीब दोगुनी होकर 900 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। पिछले साल दिसंबर में इसकी वैल्यूएशन 570 मिलियन डॉलर थी। वोहरा ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। जेप्टो से पहले उन्होंने मई 2020 में एक अन्य ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म किरानाकार्ट (KiranaKart) की स्थापना की थी।
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मिनटों में डिलीवरी का वादा

जेप्टो नाम समय की एक अत्यंत छोटी इकाई ‘जेप्टोसेकंड’ से आया है। अपने नाम की तरह ही जेप्टो मिनटों में किराने की डिलीवरी का वादा करता है। वोहरा और पलीचा ने एक क्विक कॉमर्स कंपनी बनाने की योजना के साथ भारत लौटने के बाद जेप्टो की स्थापना की। कंपनी के लॉन्च पर प्लेटफॉर्म ने 10 मिनट की डिलीवरी की गारंटी दी थी। बाद में इसे बदलकर “मिनटों में डिलीवरी” कर दिया गया। हालांकि, जेप्टो को ब्लिंकिट से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। जोमैटो ने जून में 700 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर ब्लिंकिट को खरीद लिया था। इसे पहले ग्रोफर्स नाम से जाना जाता था।



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