रेपो रेट में जारी रहेगी बढ़ोतरी, क्‍यों ऐसा कह रहे हैं एक्‍सपर्ट?


नई दिल्ली: रेटिंग एजेंसी और मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि भारतीय र‍िजर्व बैंक (RBI) की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर तब तक जारी रह सकता है, जब तक रिटेल महंगाई दर 6 फीसदी से नीचे ना आ जाए। बेशक इस बार आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी करके सबको चौंकाया है, मगर आने वाले समय रेपो रेट में बढ़ोतरी का अनुपात 0.25 से 0.30 फीसदी का रहेगा।

क्रिसिल के चीफ इकानॉमिस्ट डी.के. जोशी का कहना है कि अगली बार आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। इस बार की स्थितियों को देखते हुए आरबीआई ने रीपो रेट में इतनी ज्यादा बढ़ोतरी की है। इसके अलावा अगली मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक तक सरकार और आरबीआई द्वारा किए गए उपायों का असर भी इकॉनमी में देखने को मिलेगा। आरबीआई को सबसे अधिक चिंता महंगाई को लेकर है। अगर रिटेल महंगाई दर में गिरावट का दौर शुरू हो गया है तो आरबीआई के पास मॉनिटरी पॉलिसी में थोड़ी नरमी बरतने की गुंजाइश बनेगी।

रेटिंग एजेंसी इकरा की चीफ इकानॉमिस्ट के अनुसार आरबीआई की नजर अब पूरे तौर से महंगाई को काबू करने पर टिकी है। ऐसे में जब रिटेल महंगाई की दर छह फीसदी से नीचे नहीं आती, तब तक आरबीआई कड़े फैसले लेना नहीं छोड़ेगा। ऐसा लग रहा है कि रिटेल महंगाई दर चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में छह फीसदी से नीचे आ सकती है। जहां तक जीडीपी ग्रोथ का मामला है, आरबीआई को मालूम है कि अगर महंगाई कंट्रोल में आ गई तो जीडीपी ग्रोथ को बढ़ाने में ज्यादा मुश्किल नहीं होगी।



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