Bengaluru Rains: बेंगलुरु में डूब गईं बेंटले, ऑडी… क्‍या कार इंश्‍योरेंस कवर बाढ़ से हुए नुकसान को कवर करता है?


नई दिल्‍ली: बेंगलुरु (Bengaluru Flood) में मंगलवार को बारिश ने हाहाकार मचा दिया। आईटी नगरी में जिधर देखो पानी ही पानी। बाढ़ में करोड़ों की बेंटले, ऑडी और लेक्‍सस जैसी कारें डूबी दिखाई दीं। ज‍िसने भी ये तस्‍वीरें देखीं, उनके मन में सिर्फ एक सवाल उठने लगा। कभी ऐसी स्थिति बनी तो उनकी महंगी और बेशकीमती कारों का क्‍या होगा। क्‍या इंश्‍योरेंस कवर बाढ़ से हुए नुकसान को कवर करता है। बाढ़ से इंजन से लेकर एक्‍सेसरीज तक को नुकसान हो सकता है। सिर्फ बाढ़ ही नहीं, तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी इंश्‍योरेंस कवर (Insurance Cover) किस हद तक मदद कर सकता है। एक्‍सपर्ट्स कहते हैं कि इस स्थिति में कुछ बातों को समझ लेना बहुत जरूरी है। वजह यह है कि इंश्‍योरेंस कंपन‍ियां कई स्थितियों में क्‍लेम खार‍िज कर देती हैं। ऐसे में न‍ियमों को समझना जरूरी है।

मोटर इंश्‍योरेंस पॉलिसी दो तरह की होती हैं। स्‍टैंडअलोन थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्‍योरेंंस पॉलिसी। स्‍टैंडअलोन थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस एक्‍सीडेंट वगैरह में काम आता है। वहीं, कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्‍योरेंंस प्‍लान बाढ़, तूफान और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान को कवर करता है। इंश्‍योरेंस ब्रोकर बब‍िता सक्‍सेना कहती हैं क‍ि गाड़ी की अतिरिक्‍त सुरक्षा के लिए कॉम्प्रिहेंसिव कवर के साथ ऐड-ऑन कवर भी लेना चाहिए। उदाहरण के लिए इंजन प्रोटेक्‍शन कवर बारिश के दिनों में इंजन को हुए नुकसान की भरपाई करता है।

ऐड-ऑन कवर के कई हैं फायदे
बबिता के मुताबिक, अगर आप ऐसे इलाकों में रहते हैं जहांं बाढ़ आने का खतरा है तो कॉम्‍प्र‍िहेंसिव मोटर इंश्‍योरेंस प्‍लान के तहत इंजन प्रोटेक्‍शन ऐड-ऑन कवर ले लेना अच्‍छा है। बारिश के दिनों में पानी इंजन में जा सकता है। इससे इंजन को नुकसान होने का खतरा होता है। कार में इंजन सबसे ज्‍यादा महंगा पार्ट है। इसकी रिपेयर‍िंंग या इसे बदलवाना काफी महंगा साबित हो सकता है।

हालांकि, ऐसे कई तरह के एक्‍सक्‍लूजन होते हैं जिनके बारे में जानना जरूरी है। इसके चलते क्‍लेम खारिज हो सकता है। यहां ध्‍यान रखने वाली बात यह है कि जलजमाव के कारण इंजन को नुकसान होने पर ऐड-ऑन पॉलिसीहोल्‍डर्स को नुकसान की भरपाई करता है। लेक‍िन, बाढ़ में अगर कार को चलाया जाता है तो उसे लापरवाही में लिया जा सकता है। यह क्‍लेम को खारिज करने का कारण बन सकता है। यह भी समझने की जरूरत है क‍ि बरसात के समय अलग से ऐड-ऑन कवर नहीं खरीदा जा सकता है। इसे पॉलिसी के रिन्‍यूअल या नई पॉलिसी खरीदते वक्‍त ही लिया जा सकता है।

एक्‍सेसरीज के ल‍िए अलग कवर लेना समझदारी
बाढ़ से कार की एक्‍सेसरीज को भी नुकसान होने का खतरा होता है। इसके लिए अलग से ऐड-ऑन कवर खरीदा जा सकता है। इससे रबर मैट, हेडलाइट, वाइपर और मड फ्लैप जैसी एक्‍सेसरीज को हुए नुकसान को कवर करने में मदद मिलती है। एक्‍सपर्ट्स कहते हैं क‍ि ऐसे मौकों पर सबसे जरूरी बात यह है क‍ि बीमा कंपनी को ऐसी हालात की सूचना तुरंत दी जाए। अच्‍छा होगा क‍ि तमाम तस्‍वीरों और वीडियो क्लिप को बना लिया जाए। इससे क्‍लेम सेटेल होने में आसानी होती है। वर्कशॉप में बिना क‍िसी मुश्किल के आसानी से सारी प्रक्रिया पूरी हो जाती है।



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