GST price hike: राहुल गांधी ने जीएसटी को बताया ‘गृहस्थी सर्वनाश टैक्स’, जानिए इसमें कितनी सच्चाई है


नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले जीएसटी (GST) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहा करते थे लेकिन अब उन्होंने इसे नया नाम दिया है। उनका कहना है कि जीएसटी अब ‘गृहस्थी सर्वनाश टैक्स’ का विकराल रूप ले चुका है। हाल में प्रीपैकेज्ड और लेबल्ड अनाज, दाल और आटे को जीएसटी के दायरे में लाया गया है। साथ ही दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त खाद्य पदार्थों पर भी जीएसटी लगाया गया है। जीएसटी काउंसिल की हाल में चंडीगढ़ में हुई बैठक में इन चीजों पर जीएसटी लगाने का फैसला किया गया था और 18 जुलाई से इसे लागू कर दिया गया है।

इस बैठक में लिए गए फैसलों के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, ‘घटती आमदनी और रोजगार, ऊपर से महंगाई का बढ़ रहा प्रहार। प्रधानमंत्री जी का ‘गब्बर सिंह टैक्स’ अब ‘गृहस्थी सर्वनाश टैक्स’ का विकराल रूप ले चुका है।’ बुधवार को उन्होंने फिर ट्वीट किया, ‘महंगाई से जूझती जनता के लिए ‘गब्बर’ की रेसिपी: कम बनाओ, कम खाओ, जुमलों के तड़के से भूख मिटाओ। ‘मित्रों’ की अनकही बातें तक सुनने वाले प्रधानमंत्री को अब जनता की बात सुननी भी होगी और ये GST वापस लेना भी होगा।’

क्या-क्या हुआ महंगा
घर-घर में इस्तेमाल होने वाले इन आइटम्स को पहले जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया था लेकिन अब इन पर पांच फीसदी जीएसटी लगाया गया है। इससे महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों की जेब और ढीली हो सकती है। जानकारों की मानें तो पांच फीसदी जीएसटी लगने के बाद इन चीजों की कीमत में पांच से आठ फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। अमूल ब्रांड के मिल्क प्रॉडक्ट बनाने वाली देश की सबसे बड़ी डेयरी कंपनी गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने छाछ, दही और लस्सी की कीमत पांच फीसदी बढ़ा दी है।

टेट्रा पैक्स में आने वाले बेवरेजेज की कीमत में भी पांच फीसदी बढ़ोतरी करने की तैयारी है। टेट्रा पैक्स पर जीएसटी का रेट 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया गया है। टेट्रा पैक्स का इस्तेमाल लिक्विड बेवरेजेज और डेयरी प्रॉडक्ट्स की पैकेजिंग में होता है। साथ ही प्रीपैकेज्ड और लेबल्ड वाले अनाज, दाल और आटे पर भी पांच फीसदी जीएसटी लगाया गया है। यानी अगर आप दुकान से पहले से पैक्ड ये सामान खरीदते हैं तभी आपको जीएसटी देना होगा। सरकार ने साफ किया है कि इन चीजों की खुली बिक्री पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा।

सरकार की सफाई
घर-घर इस्तेमाल होने वाली चीजों पर जीएसटी लगाने के आरोपों से घिरी मोदी सरकार ने इस मामले में सफाई दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक के बाद एक 14 ट्वीट कर इस मामले में सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि यह दावा किया जा रहा है कि पहली बार खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाया जा रहा है। लेकिन इसमें सच्चाई नहीं है। जीएसटी की व्यवस्था से पहले से ही राज्य खाद्यान्नों पर रेवेन्यू वसूल रहे थे। उदाहरण के लिए पंजाब परचेज टैक्स के नाम पर खाद्यान्नों पर 2000 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स वसूल रहा था। इसी तरह उत्तर प्रदेश ने 700 करोड़ रुपये वसूले।

सीतारमण ने कहा कि जब जीएसटी व्यवस्था को लागू किया गया था तब ब्रांडेड अनाज, दाल और आटे पर पांच फीसदी जीएसटी लगाया गया था। बाद में इसमें बदलाव किया गया और केवल रजिस्टर्ड ब्रांड पर ही जीएसटी लगाया गया। लेकिन कई ब्रांड्स ने इसका दुरुपयोग किया और इन चीजों पर जीएसटी रेवेन्यू में भारी गिरावट आई। यही वजह है कि जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में इन चीजों के प्रीपैकेज्ड और लेबल्ड के तौर पर बिक्री पर जीएसटी लगाने का फैसला किया गया।.



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