Mukesh Ambani news: आम के एक्सपोर्ट से भी तगड़ी कमाई करते हैं मुकेश अंबानी, जानिए कितने एकड़ में फैला है उनका बाग


नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है। इस कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) भारत और एशिया के दूसरे सबसे बड़े रईस हैं। रिलायंस का बिजनस कई क्षेत्रों में फैला है। इनमें पेट्रोलियम, टेलिकॉम और रिटेल प्रमुख हैं। लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि रिलायंस दुनिया में आम की सबसे बड़ी एक्सपोर्टरकंपनियों में से एक है। गुजरात के जामनगर में कंपनी का आमों का बगीचा (Reliance Mango Farm) है जो 600 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें आम के डेढ़ लाख से अधिक पेड़ हैं। इस बाग में आम की 200 से अधिक देसी-विदेशी किस्मों के पेड़ लगाए गए हैं। इसमें से कुछ किस्में दुनिया की बेहतरीन किस्मों में शामिल हैं। आइए जानते हैं कि आखिर कैसे आम के बिजनस में उतरी रिलायंस..

रिलायंस अपनी खुशी से आम के बिजनस में नहीं उतरी बल्कि उसे मजबूरी में ऐसा करना पड़ा था। गुजरात के जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरीज में से एक है। इससे होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए रिलायंस ने आम का बगीचा लगाया। दरअसल प्रदूषण रोकने के लिए कंपनी को पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड्स की तरफ से एक के बाद एक कई नोटिस मिले। यह बात 1997 की है। आखिर कंपनी को लगा कि प्रदूषण की समस्या को रोकने के लिए कुछ करने की जरूरत है। कंपनी ने इसके लिए अनोखा कदम उठाया। इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ कंपनी को भी फायदा हो रहा है।

Mukesh Ambani news: आकाश अंबानी के बाद ईशा को मिलेगी अहम जिम्मेदारी! मुकेश अंबानी बेटी को सौंप सकते हैं रिटेल बिजनस की कमान
जामनगर में है आमों का बगीचा
कंपनी ने रिफाइनरी के करीब आम का बागान लगाने का फैसला किया। कंपनी ने जामनगर रिफाइनरी के करीब बंजर जमीन पर आम के पेड़ लगाने का सिलसिला 1998 में शुरू हुआ। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की सफलता को लेकर कई तरह की शंकाएं थी। वहां बहुत तेज हवा चलती थी। साथ ही पानी भी खारा था। जमीन भी आम की खेती के लिए उपयुक्त नहीं था। लेकिन कंपनी ने टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर इस प्रोजेक्ट को सफल बना दिया। इस बाग का नाम कंपनी के फाउंडर धीरूभाई अंबानी के नाम पर धीरूभाई अंबानी लखीबाग आमराई (Dhirubhai Ambani Lakhibag Amrayee) रखा गया।

यह बाग 600 एकड़ से अधिक एरिया में फैला है और इसे दुनिया में आम का सबसे बड़ा बाग माना जाता है। इसके लिए पानी कंपनी के डिसैलिनेशन प्लांट से आता है। इस प्लांट में समुद्र के पानी को साफ किया जाता है। पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीक का भी भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। इस बाग में केसर, अल्फोंसो, रत्ना, सिंधु, नीलम और आम्रपाली जैसी देसी किस्मों के अलावा विदेशी किस्म के आम के पेड़ भी हैं। इनमें अमेरिका में फ्लोरिडा की Tommy Atkins और Kent तथा इजरायल की Lily, Keitt और Maya किस्में शामिल हैं।

Akash Ambani profile: आकाश अंबानी को 11वीं क्लास तक पता ही नहीं था कि उनके परिवार के पास कितना पैसा है
कई देशों को होता है निर्यात

इस बाग में पैदा होने आमों को दुनिया के कई देशों को निर्यात भी किया जाता है। रिलायंस आसपास के किसानों को अपने बाग में इस्तेमाल होने वाली तकनीक से रू-ब-रू कराती है और हर साल किसानों को एक लाख पेड़ वितरित करती है। इस तरह यह आपदा में अवसर का एक उत्तम उदाहरण है। इस बागान की कमान मुकेश की पत्नी नीता अंबानी के हाथ है। इस बागान में पैदा होने वाले आम की ज्यादा मांग एनआरआई (NRI) गुजरातियों के बीच है। धीरूभाई अंबानी आम के बड़े शौकीन थे। खुद मुकेश अंबानी भी मैंगो लवर (Mango Lover) हैं।

रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी 7,500 एकड़ में फैली और इसमें 1,627 एकड़ में ग्रीन बेल्ट है। यहां 34 से अधिक किस्म के पेड़ हैं जिनमें 10 फीसदी आम के पेड़ हैं। आम के अलावा इसमें अमरूद, इमली, काजू, ब्राजीलियन चेरी, चीकू, आड़ू, अनार और कुछ औषधीय पेड़ भी हैं। इसमें प्रति एकड़ आम की पैदावार करीब 10 मीट्रिक टन है जो ब्राजील और इजरायल से भी अधिक है। रिलायंस ने अपने बागान में होने वाले फलों की मार्केटिंग के लिए एक अलग कंपनी Jamnagar Farms Private Limited बनाई है। कंपनी आरआईएल मैंगो (RIL Mango) ब्रैंड नाम से आम बेचती है।



Source link

MERA SHARE BAZAAR
नमस्कार दोस्तों मेरा शेयर बाजार हिंदी भाषा में शेयर बाजार की जानकारी देने वाला ब्लॉग है। नए लोग इस बाजार में आना चाहते हैं उन्हें सही से मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है। इसके अलावा फाइनेंसियल प्लानिंग, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, पब्लिक प्रोविडेंड फण्ड (PPF), म्यूच्यूअल फंड्स, इन्शुरन्स, शेयर बाजार सम्बंधित खास न्यूज़ भी समय -समय पर देते रहते हैं। धन्यवाद्

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.