Mukesh Ambani news: मुकेश अंबानी झोली में गिरने वाली है एक और कंपनी! 5600 करोड़ रुपये की बोली लगाई


नई दिल्ली: देश के दूसरे सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की झोली में एक और कंपनी गिरने वाली है। रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ने भारत में मेट्रो कैश एंड कैरी (Metro Cash and Carry) के कारोबार को खरीदने के लिए 5,600 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। जानकारों का कहना है कि यह नॉन-बाइंडिंग बोली है। हालांकि रिलायंस इसे खरीदने की होड़ में अकेली नहीं है। थाईलैंड की सबसे बड़ी कंपनी Charoen Pokphand (CP) ग्रुप ने करीब एक अरब डॉलर यानी 8,000 करोड़ रुपये की बोली लगाई है। यह जर्मन कंपनी की उम्मीदों के मुताबिक है। कंपनी करीब 19 साल बाद भारत में अपना होलसेल बिजनस बंद करने की तैयारी में है।

सूत्रों के मुताबिक मेट्रो इंडिया ने अपने परफॉरमेंस और आगे की संभावनाओं के बारे में रिलायंस और CP की सीनियर टीम के सामने प्रजेंटेशन दिया है। यह प्रजेंटेशन दो हफ्ते पहले बेंगलूरु में दिया गया था। इसमें मर्चेंट बैंकर्स भी शामिल थे। इस बारे में ईटी के ईमेल का जबाव देते हुए मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि हम अफवाहों और अटकलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं। इस बारे में रिलायंस और सीपी ग्रुप ने उन्हें भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।

Mukesh Ambani vs Gautam Adani: रईसी के बाद मार्केट कैप में भी पिछड़े मुकेश अंबानी, गौतम अडानी ने फिर मारी बाजी
क्यों कामकाज समेट रही है कंपनी
एक सूत्र ने कहा कि मेट्रो इंडिया की पेरेंट जर्मन कंपनी मेट्रो एजी भारत में रेगुलेटरी माहौल और स्वेदशी वर्सेज विदेशी पर चल रही बहस से चिंतित है। भारतीय कंपनियों से जुड़े लॉबी ग्रुप्स का आरोप है कि विदेशी रिटेल कंपनियों ने एफडीआई नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि विदेशी कंपनियों ने हमेशा इन आरोपों का खंडन किया है। इसके मद्देनजर मेट्रो एजी के भारतीय कारोबार को खरीदने की रेस में रिलायंस को सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि थाईलैंड की कंपनी की नजर भी इस पर है।

Reliance vs Sebi: रिलायंस और सेबी में कैसी जंग? मुकेश अंबानी की कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में फाइल कर दी कंटेप्ट पिटिशन
मेट्रो कैश एंड कैरी के मर्चेंट बैंकर JP Morgan और Goldman Sachs ने कंपनी के कारोबार को वैल्यू करीब एक अरब डॉलर आंकी है। इसके लिए फाइनल बाइंडिंग बोली एक महीने के भीतर सौंपी जा सकती है। इंडस्टी के जानकारों का कहना है कि इस दौरान बोली की राशि में बदलाव किया जा सकता है। मेट्रो कैश एंड कैरी अभी भारत में मेट्रो होलसेल ब्रांड के तहत 31 स्टोर का संचालन कर रही है। कंपनी ने इस तरह के आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है। मेट्रो एजी ने वर्ष 2003 में भारतीय बाजार में प्रवेश किया था। लेकिन अब वह भारतीय बाजार से निकलने की तैयारी में है।



Source link

MERA SHARE BAZAAR
नमस्कार दोस्तों मेरा शेयर बाजार हिंदी भाषा में शेयर बाजार की जानकारी देने वाला ब्लॉग है। नए लोग इस बाजार में आना चाहते हैं उन्हें सही से मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है। इसके अलावा फाइनेंसियल प्लानिंग, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, पब्लिक प्रोविडेंड फण्ड (PPF), म्यूच्यूअल फंड्स, इन्शुरन्स, शेयर बाजार सम्बंधित खास न्यूज़ भी समय -समय पर देते रहते हैं। धन्यवाद्

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.