Mukesh Ambani Succession Plan: जानिए कैसे हो रहा है मुकेश अंबानी के अरबों के बिजनस का बंटवारा, ताकि जो उन्होंने सहा वो बच्चे ना झेलें


नई दिल्ली: हाल ही में मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने अपने बड़े बेटे आकाश अंबानी (Akash Ambani) को रिलायंस जियो (Reliance Jio) का चेयरमैन बनाया है। कई लोग ऐसे में ये सोच रहे होंगे आखिर मुकेश अंबानी को अपनी विरासत का बंटवारा करने की इतनी जल्दी क्या है? दरअसल, वह नहीं चाहते कि जो कुछ उन्होंने झेला है, वह उनके बच्चे भी झेलें। जी हां, करीब 13 साल पहले पिता की मौत के बाद अंबानी परिवार में जायदाद को लेकर ऐसी जद्दोजेहद चली थी कि मामला कोर्ट-कचहरी तक जा पहुंचा था। मुकेश अंबानी नहीं चाहते हैं कि वह सब एक बार फिर से दोहराया जाए।

मुकेश अंबानी कैसे कर सकते हैं बंटवारा?

आकाश अंबानी को तो रिलायंस जियो की कमान मिल ही चुकी है। उम्मीद की जा रही है आने वाले दिनों में ईशा अंबानी को रिलायंस रिटेल की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी को ग्रीन एनर्जी बिजनस की कमान मिल सकती है। माना जा रहा है कि अभी पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान वह अपने ही हाथ में रखेंगे। जिस तरह मुकेश अंबानी ने अभी से अपने बच्चों में बिजनस को बांटना शुरू कर दिया है, यह तो तय है कि वह एक वसीयत भी बना ही रहे होंगे। आखिरकार उनके जाने के बाद उनकी प्रॉपर्टी के लिए भी तीनों बच्चों में विवाद हो सकता है और मुकेश अंबानी ऐसा कुछ नहीं होने देना चाहते हैं।

क्या हुआ था 13 साल पहले?

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साल 2002, जब तक धीरूभाई अंबानी जिंदा थे दोनों भाइयों के बीच बेशुमार प्यार था। उसी साल दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने कोई वसीयत नहीं लिखी थी। इसी के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद शुरू हो गया। 2005 में मां कोकिलाबेन ने दोनों भाइयों का बंटवारा कर दिया। मुकेश अंबानी को ऑयल और केमिकल बिजनस दिया गया, जबकि छोटे बेटे अनिल अंबानी को प्रॉफिट मेकिंग टेलिकॉम और इलेक्ट्रिसिटी बिजनस दिया गया। दोनों भाइयों के झगड़े में मां अहम कड़ी रहीं, जिनके चलते इतने मन-मुटाव के बावजूद आज फिर से दोनों भाई एक दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने लगे हैं।

कई सालों तक दोनों भाइयों के रिश्तों में रही कड़वाहट

सालों तक दोनों भाइयों के रिश्ते बिगड़े रहे। रिश्तों में कड़वाहट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2008 में अनिल अंबानी ने मुकेश अंबानी के खिलाफ 10 हजार करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था। उस दौरान मुकेश अंबानी ने अमेरिकन मैगजीन द न्यूयॉर्क टाइम्स को एक इंटरव्यू दिया था। उसी के कुछ हिस्से को लेकर अनिल की शिकायत थी। 2010 में दोनों भाइयों के बीच गैस प्राइस से जुड़ा एक विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। मुकेश अंबानी के पास गैस का बिजनस था और अनिल के पास रिलायंस नैचुरल रिसोर्स का बिजनस। सुप्रीम कोर्ट के फैसले में बड़े भाई की जीत हुई थी। उस दौरान भी मां कोकिलाबेन सामने आईं और विवाद को सुलझाया था।

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काफी पहले से कर रहे हैं बंटवारे की प्लानिंग

ये बात पिछले साल दिसंबर की है। उन्होंने कर्मचारियों से एक इवेंट में उत्तराधिकारी को लेकर पहली बार बात छेड़ी थी। उन्होंने कहा था- ‘बड़े सपनों और नामुमकिन नजर आने वाले लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सही लोगों को जोड़ना और सही नेतृत्व होना जरूरी है। रिलायंस अब एक महत्वपूर्ण नेतृत्व बदलाव को अंजाम देने की प्रक्रिया में हैं। यह बदलाव मेरी पीढ़ी के वरिष्ठों से नए लोगों की अगली पीढ़ी को होगा। मुझे लेकर सभी वरिष्ठों को अब रिलायंस में बेहद काबिल, प्रतिबद्ध एवं प्रतिभाशाली युवा नेतृत्व को विकसित करना चाहिए। हमें उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, उन्हें सक्षम बनाना चाहिए और प्रोत्साहित करना चाहिए। और जब वे हमसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दें तो हमें आराम से बैठकर तालियां बजानी चाहिए।’ हालांकि, तब तक किसी को नहीं पता था कि मुकेश अंबानी के मन में क्या है और वह किसे क्या देना चाहते हैं। हालांकि, अब धीरे-धीरे तस्वीर साफ होती जा रही है।



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