Windfall Gains Tax: डीजल पर फिर बढ़ा टैक्स, एटीएफ भी हुआ महंगा, जानें कितना


नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात (Diesel Export) पर लगने वाला विंडफाल गेन टैक्स (Windfall Gain Tax) फिर बढ़ा दिया है। साथ ही हवाई जहाज के ईंधन यानी एटीएफ (विमान ईंधन) के निर्यात पर लगने वाले विंडफाल गेन टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है। घरेलू स्तर पर उत्पादित क्रूड ऑयल (Crude Oil) पर शुल्क को भी बढ़ा दिया गया है। हालांकि पेट्रोल को इससे दूर रखा गया है।

डीजल निर्यात पर टैक्स लगभग दूना
बुधवार शाम को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर टैक्स 7 रुपये से बढ़ा कर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। एटीएफ के निर्यात पर भी विंडफाल गेन टैक्स का रेट दो रुपये प्रति लीटर से बढ़ा कर 9 रुपये कर दिया गया है। पेट्रोल के निर्यात पर जीरो टैक्स की व्यवस्था जारी रहेगी। इससे पहले बीते 18 अगस्त को सरकार ने डीजल के निर्यात (Diesel Export) पर लगने वाला विंडफाल गेन टैक्स (Windfall Gain Tax) को 5 रुपये से बढ़ा कर 7 रुपये प्रति लीटर किया था। उससे भी पहले बीत दो अगस्त को डीजल पर विंडफाल गेन टैक्स को 11 रुपये से घटा कर पांच रुपये प्रति लीटर किया गया था।

Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, जानिए आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट
एटीएफ निर्यात पर टैक्स 400 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ा
हवाई जहाज के ईंधन यानी एटीएफ (विमान ईंधन) के निर्यात पर लगने वाले विंड फाल गेन टैक्स में भारी बढ़ोतरी की गई है। अभी तक इस पर प्रति लीटर दो रुपये का टैक्स लगता था। इसे बढ़ा कर नौ रुपये प्रति लीटर कर दिया गया हैं। सरकार ने कुछ समय पहले ही इस पर लगने वाले विंडफाल गेन टैक्स को खत्म कर दिया गया था। लेकिन बीते 18 अगस्त को ही इस पर फिर से प्रति लीटर दो रुपये का टैक्स लगाया गया था।

क्रूड ऑयल पर भी बढ़ाया गया टैक्स
अधिसूचना के अनुसार, घरेलू स्तर पर उत्पादित क्रूड ऑयल पर टैक्स 13,000 रुपये से बढ़ा कर 13,300 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इससे पहले बीते 18 अगस्त को इस पर लगने वाले टैक्स को 17,750 रुपये प्रति टन से घटाकर 13,000 रुपये प्रति टन किया गया था। सरकार के इस कदम से ओएनजीसी (ONGC) और वेदांता लिमिटेड (Vendanta Limited) जैसे क्रूड प्रोड्यूसरों के मुनाफे पर असर पड़ेगा।

दो बार टैक्स में कटौती के बाद हुई है दूसरी बार बढ़ोतरी
बीते कुछ महीने में देखें तो सरकार ने दो बार टैक्स में कटौती करने के बाद इस बार दूसरी बार बढ़ोतरी की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसी महीने की पहली तारीख को जारी आंकड़ों में पता चला था कि भारत का व्यापार घाटा जुलाई में बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। ऐसा जिंसों की ऊंची कीमतों और रुपये में कमजोरी की वजह से आयात महंगा होने से हुआ है।

Yamuna Expressway Toll Tax: यमुना एक्सप्रेसवे पर महंगा हुआ सफर, देना पड़ेगा पहले से ज्यादा टैक्स

व्यापार घाटा तीन गुना
निर्यात की तुलना में अधिक आयात के कारण इस साल जुलाई में व्यापार घाटा तीन गुना होकर 31.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। बीते जून में यह 26.18 अरब डॉलर था। जुलाई 2022 में देश का आयात 43.59 प्रतिशत बढ़कर 66.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक साल पहले के इसी महीने में यह 46.15 अरब डॉलर था। वहीं, जुलाई 2022 में निर्यात सालाना आधार पर 0.76 प्रतिशत घटकर 35.24 अरब डॉलर रह गया। जुलाई 2021 में देश का वस्तु निर्यात 35.51 अरब डॉलर था।

कब लगा था विंडफाल गेन टैक्स
भारत ने पहली बार एक जुलाई 2022 को पेट्रोलियम पदार्थों पर विंडफाल गेन टैक्स लगाया था। इसी के साथ भारत उन देशों में शामिल हो गया था, जो ऊर्जा कंपनियों के मुनाफे पर टैक्स लगाते हैं। हालांकि, तब से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने लगी है, जिससे तेल उत्पादकों और रिफाइनरी, दोनों के मुनाफे में कमी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने एक जुलाई को पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर छह रुपये प्रति लीटर तथा डीजल के निर्यात पर 13 रुपये प्रति लीटर की दर से टैक्स लगा दिया था। इसके अलावा कच्चे तेल के घरेलू स्तर पर उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन की दर से कर लगाया गया था।

20 जुलाई को घटा था टैक्स
विंडफाल गेन टैक्स लगाने के बाद एक पखवाड़े की समीक्षा की गई थी। इसके बाद बीते 20 जुलाई को सरकार ने पेट्रोल के निर्यात (Petrol Export) पर छह रुपये प्रति लीटर की दर से लागू निर्यात शुल्क को खत्म कर दिया था। वहीं डीजल एवं एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले कर में दो-दो रुपये की कटौती कर इसे क्रमशः 11 रुपये एवं चार रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर लगने वाले कर को भी 23,250 रुपये प्रति टन से घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन कर दिया गया था।

1 September 2022 से बहुत सारे नियम बदलने वाले हैं, नहीं जाने तो बैंक खाता तक ब्लॉक हो सकता है!



Source link

MERA SHARE BAZAAR
नमस्कार दोस्तों मेरा शेयर बाजार हिंदी भाषा में शेयर बाजार की जानकारी देने वाला ब्लॉग है। नए लोग इस बाजार में आना चाहते हैं उन्हें सही से मार्गदर्शन देने का प्रयास करती है। इसके अलावा फाइनेंसियल प्लानिंग, पर्सनल फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट, पब्लिक प्रोविडेंड फण्ड (PPF), म्यूच्यूअल फंड्स, इन्शुरन्स, शेयर बाजार सम्बंधित खास न्यूज़ भी समय -समय पर देते रहते हैं। धन्यवाद्

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.